Wednesday, September 17, 2025

तर्पण 2025

जब हम तर्पण करते हैं, तो हमें यह अनुभूति होती है कि हमने अपने पितरों का स्मरण कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है। यह मन को हल्का करता है और भीतर एक शांति का संचार करता है। तर्पण से व्यक्ति को यह संतोष मिलता है कि उसने अपने पूर्वजों के प्रति अपने कर्तव्य का पालन किया है। यही संतोष आगे चलकर मानसिक शांति और आत्मिक बल का आधार बनता है।

Wednesday, October 4, 2023

दैनिक जागरण में प्रकाशित श्रद्धांजलि - 2023

माँ की ममता को सादर नमन 2023

इस जहाँ मे अगर कही स्वर्ग है तो, वो माँ का चरण व आंचल है, माँ के चरणो मे ही संसार के सभी सुख निहित है, माँ ही वो है जिसने आप को जन्म दिया, पालन पोषण किया, अपने पैरो पर खडा किया, माँ के प्यार से बडा इस जहाँ मे किसी का प्यार नही, माँ ही दुनिया है, माँ ही सबकुछ है।

Tuesday, October 4, 2022

माँ की संस्मरण

माँ की ममता को आज फिर एक नमन

माँ की ममता को आज फिर एक नमन, 13 वीं पुण्यतिथि पर आज शत शत नमन माँ को आश्विन मास नवरात्र में महानवमीं तिथि को पुण्य स्मृति 🙏

Tuesday, October 5, 2021

ग्यारहवीं पुण्यतिथि को माँ को नमन

आज 4 अक्टूबर को माँ की ग्यारहवीं पुण्यतिथि पर माँ की ममता को सादर नमन 💐💐 दैनिक जागरण में प्रकाशित यह लेख माँ के लिए एक छोटी-सी श्रद्धांजलि 💐💐

Saturday, October 2, 2021

एकादशी की पुण्यतिथि

मां हमेशा बगलामुखी का दर्शन कर बहुत खुशी महसूस करती थीं. एक बार का दर्शन से उर्जावान हो जातीं थीं. माँ की ममता को आज फिर से naman